धीमे धीमे लिरिक्स (Dheeme Dheeme Lyrics in Hindi) पढ़ें। Adriz Ghosh का यह खूबसूरत गीत यादों, सपनों और भावनाओं की कोमल दुनिया को बयां करता है। पूरे हिंदी बोल, आसान अर्थ, गाने की जानकारी और वीडियो पाएं।
Dheeme Dheeme Lyrics in Hindi – Full Song Lyrics (धीमे धीमे)
धीमे-धीमे ऐ ख़याल चल
यादों की गली में तू टहल
धीमे-धीमे ऐ ख़याल चल
यादों की गली में तू टहल
यादों में वो रहती है
ला उसे हक़ीक़तों के घर
बर्फ़ का अक्स है
आहों से ना जाए वो पिघल
वो वहीं है कहीं
थम जा वहीं पे एक पल
वो वहीं है कहीं
सेपिया रंगों की ग़ज़ल
धीमे-धीमे ऐ ख़याल चल
यादों की गली में तू टहल
साँझा सिंदूरी है वो, चंदा चकोरी है वो
बचपन के तकिए पे
करवट बदलती-सी अम्मा की लोरी है वो
रात घनेरी है वो, सुबह सुनहरी है वो
पेड़ों के नीचे जो अलसा के गुज़रे
वो नींदी दोपहरी है वो
वो वहीं है कहीं
जहाँ खिलें यादों के कँवल
वो वहीं है कहीं
ख़्वाबों की जहाँ खड़ी फ़सल
धीमे-धीमे ऐ ख़याल चल
यादों की गली में तू टहल
यादों में वो रहती है
ला उसे हक़ीक़तों के घर
बर्फ़ का अक्स है
आहों से ना जाए वो पिघल
वो वहीं है कहीं
थम जा वहीं पे एक पल
वो वहीं है कहीं
सेपिया रंगों की ग़ज़ल
गीतकार: स्वानंद किरकिरे
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About Dheeme Dheeme (धीमे धीमे) Song
यहाँ पर "धीमे धीमे" गाने के बोल दिए गए हैं, जो फिल्म Haathi Mere Saathi से है। इस गाने को Adriz Ghosh ने गाया है, संगीत Shantanu Moitra ने दिया है और बोल Swanand Kirkire ने लिखे हैं। फिल्म में Rana Daggubati, Pulkit Samrat, Zoya Hussain और Shriya Pilgaonkar मुख्य भूमिका में हैं, और यह गाना Eros Music या Sony Music India के लेबल पर रिलीज़ हुआ है।
गाने के बोल बहुत ही सॉफ्ट और यादों भरे हैं, जैसे "धीमे-धीमे ऐ ख़याल चल, यादों की गली में तू टहल" — यह लाइन बताती है कि ख्यालों को धीरे-धीरे यादों की गली में चलना चाहिए। गाने में एक प्यारी सी याद को असलियत में लाने की बात है, जैसे "यादों में वो रहती है, ला उसे हक़ीक़तों के घर" — मतलब उस शख्स को यादों से निकालकर असल जिंदगी में लाना चाहते हैं।
आगे के बोल और भी खूबसूरत हैं, जैसे "साँझा सिंदूरी है वो, चंदा चकोरी है वो" और "बचपन के तकिए पे करवट बदलती-सी अम्मा की लोरी है वो" — यह बताता है कि वह यादें सिंदूरी शाम जैसी, चांद और चकोरी जैसी, और माँ की लोरी जैसी प्यारी हैं। फिर "रात घनेरी है वो, सुबह सुनहरी है वो" और "पेड़ों के नीचे जो अलसा के गुज़रे, वो नींदी दोपहरी है वो" — यह यादों को रात, सुबह और आलसी दोपहर जैसे अलग-अलग समय से जोड़ता है।
अंत में कहा गया है कि वह शख्स कहीं है, जहाँ यादों के कमल खिलते हैं या ख्वाबों की फसल खड़ी है — "वो वहीं है कहीं, जहाँ खिलें यादों के कँवल" और "वो वहीं है कहीं, ख़्वाबों की जहाँ खड़ी फसल"। यह पूरा गाना एक ग़ज़ल की तरह है, जिसमें "सेपिया रंगों की ग़ज़ल" कहकर पुरानी यादों का रंग दिखाया गया है। बार-बार "धीमे-धीमे" दोहराकर यह एहसास कराया गया है कि यादों को जल्दी नहीं, बल्कि धीरे-धीरे और प्यार से महसूस करना चाहिए।
Song Details
| Song | Dheeme Dheeme |
|---|---|
| Album | Haathi Mere Saathi |
| Singer | Adriz Ghosh |
| Lyricist | Swanand Kirkire |
| Composer | Shantanu Moitra |
| Release Date | 1 April 2020 |
| YouTube Video | Watch on YouTube |
Frequently Asked Questions
Who sang the song "Dheeme Dheeme"?
The song was sung by Adriz Ghosh.
Who wrote the lyrics of "Dheeme Dheeme"?
The lyrics were written by Swanand Kirkire.
Who composed the music for "Dheeme Dheeme"?
The music was composed by Shantanu Moitra.
Which album is "Dheeme Dheeme" from?
The song is from the album "Haathi Mere Saathi".
When was "Dheeme Dheeme" released?
The song was released on 1 April 2020.