उलझन बड़ी लिरिक्स (Uljhan Badi Lyrics in Hindi) पढ़ें। Papon की सुरीली आवाज़ में फिल्म Bansuri का भावुक गीत, जो जीवन की उलझनों, उम्मीद और संघर्ष को खूबसूरती से बयां करता है। पूरे हिंदी बोल, आसान अर्थ और वीडियो देखें।
Uljhan Badi Lyrics in Hindi – Full Song Lyrics (उलझन बड़ी)
उलझन बड़ी गले आ पड़ी
बचे कैसे
आफ़त मेरे है दर पे खड़ी
कहें किससे
दैया रे दैया रे
तुझको ढूँढे ये दिल बेचारा
नैया रे ही नैया रे
घिरता तूफ़ान में ये आवारा
गिन-गिन-गिन कुछ आस साँस में
लेकर था दिल ज़िंदा
मायूसी की इक नगरी का
जो था ये बाशिंदा
दैया रे दैया रे
सीधे आसमान से ला खजूर पे पटका
ये है करम की तिकड़म
या फिर है तेरी लीला
जो भी है, कर डाला मेरा हाल है ढीला
सुन जा ज़रा दिल की सदा
बतला दे कोई दिशा
जिन राहों पे खोके मिलेगा मेरा पता
दैया रे दैया रे
रोया फिरता रहा बंजारा
नैया रे ये नैया रे
खोए तूफ़ान में ये आवारा
उम्मीदों की बैसाखी पे
दौड़ पड़ा है लंगड़ा
हाथ में पत्ते जो भी आए
दाँव लगा ले तगड़ा
दैया रे दैया रे
तेरे बिन जहाँ में
सबका बेड़ा अटका
इस दिल की दीवारों पे
तस्वीरों में चेहरे
कुछ हैं फीके रंग मिले तो
कुछ ठहरे गहरे
धुंधलाती आँखों से
तड़पती राहों से
ऐ दिल तू फिर सुना कोई अफ़साना
दैया रे दैया रे
लौटा मुझको मेरा घर यारा
नैया रे नैया रे
घिरता तूफ़ान में ये आवारा
उलझन बड़ी गले पे पड़ी
बचे कैसे
आफ़त मेरे हैं दर पे खड़ी
कहें किससे
दैया रे दैया रे
तुझको ढूँढे ये दिल बेचारा
नैया रे नैया रे
घिरता तूफ़ान में ये आवारा
गीतकार: अनुपम बनर्जी
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About Uljhan Badi (उलझन बड़ी) Song
यह गाना "Uljhan Badi" है, जिसे पापोन (Papon) ने अपनी सुरीली आवाज़ में गाया है, संगीतकार हैं देबोज्योति मिश्रा (Debojyoti Mishra) और शब्द लिखे हैं अनुपम बनर्जी (Anupam Banerjee) ने। यह गाना फिल्म "Bansuri" से है, जिसमें अनुराग कश्यप (Anurag Kashyap), रितुपर्णा सेनगुप्ता (Rituparna Sengupta) और मास्टर अंकन कुमार मल्लिक (Master Ankan Kumar Mallick) मुख्य भूमिकाओं में हैं, और म्यूजिक लेबल है Times Music का।
इस गाने के बोल एक गहरी उलझन और मुश्किलों को दर्शाते हैं, जैसे "उलझन बड़ी गले आ पड़ी, बचे कैसे" — यह बताता है कि जीवन में ऐसी समस्याएँ आ गई हैं जिनसे निकलना मुश्किल है। फिर "दैया रे दैया रे" के माध्यम से दिल ईश्वर या किसी मददगार को पुकार रहा है, क्योंकि वह बेचारा तूफान में फँसी नैया (नाव) की तरह भटक रहा है। गाने में उम्मीद और निराशा का संगम है, जैसे "उम्मीदों की बैसाखी पे दौड़ पड़ा है लंगड़ा" — यानी कमज़ोर हालत में भी इंसान उम्मीद का सहारा लेकर आगे बढ़ने की कोशिश करता है।
इस तरह यह गाना जीवन की जटिलताओं, मायूसी और फिर भी उम्मीद बनाए रखने की कहानी कहता है — "धुंधलाती आँखों से, तड़पती राहों से, ऐ दिल तू फिर सुना कोई अफ़साना" लाइनें बताती हैं कि दिल फिर से किस्से सुनना चाहता है, शायद खोए हुए घर या रास्ते को पाने की तलाश में। कुल मिलाकर यह गाना एक आध्यात्मिक और भावनात्मक यात्रा है, जिसे पापोन ने बड़े मार्मिक ढंग से गाया है।
Song Details
| Song | Uljhan Badi |
|---|---|
| Album | Bansuri |
| Singer | Papon |
| Lyricist | Anupam Banerjee |
| Composer | Debojyoti Mishra |
| Release Date | 14 April 2021 |
| YouTube Video | Watch on YouTube |
Frequently Asked Questions
Who sang the song "Uljhan Badi"?
The song was sung by Papon.
Who wrote the lyrics of "Uljhan Badi"?
The lyrics were written by Anupam Banerjee.
Who composed the music for "Uljhan Badi"?
The music was composed by Debojyoti Mishra.
Which album is "Uljhan Badi" from?
The song is from the album "Bansuri".
When was "Uljhan Badi" released?
The song was released on 14 April 2021.