सूना घर सूना आंगन लिरिक्स (Suna Ghar Suna Aangan Lyrics in Hindi) – Manish S Sharma | The Diary Of West Bengal

सूना घर सूना आंगन के बोल | The Diary Of West Bengal का हृदयविदारक गीत। Manish S Sharma की आवाज़ में तन्हाई और टूटन की कहानी। इसकी गहराई में डूब जाएँ।

Suna Ghar Suna Aangan Song Poster from The Diary Of West Bengal

Suna Ghar Suna Aangan Lyrics in Hindi – Full Song Lyrics (सूना घर सूना आंगन)

जिस रात की सुबह 
हो नहीं पायी 

जिस रात की सुबह 
हो नहीं पायी 
फिरता रहा अंधेरों में 
रोशनी कहाँ आयी 

सुना घर सुना आँगन 
सुना सुना मन का द्वार 
उड़ती पतंग कट गयी रे 
बिखरा हुआ संसार 

पतंग कट गयी रे 
धागा कट गया रे 
कट गया रे 
कट गया रे 

जख्म भी तू दे 
तू रूस जाए 
अपना कर क्यों 
तू ठुकराए 

खेल तेरा ये कैसा 
बेजार है 
बेदर्द सी तन्हाई 

रास ना अब कुछ आये 

है ऐसा क्यों बता दे तू 
तुझे आए रहम क्यों ना 
तू है या है नहीं या फिर 
भरम में बैठा है संसार 

तू है तो कर दे 
अब सुबह रे 

सुना घर सुना आँगन 
सुना सुना मन का द्वार 
उड़ती पतंग कट गयी रे 
बिखरा हुआ संसार 

पतंग कट गयी रे 
धागा कट गया रे 
कट गया रे 
कट गया रे...!!!

गीतकार: कुंदन विद्यार्थी, समीर शास्त्री


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About Suna Ghar Suna Aangan (सूना घर सूना आंगन) Song

यह गाना "सूना घर सूना आंगन" है, जो movie "The Diary Of West Bengal" से है, इसे singer Manish S Sharma ने गाया है और music A. R. Datta ने दिया है, lyrics Kundan Viddyarthi और Sameer Shashtree ने लिखे हैं, यह गाना Zee Music Company पर उपलब्ध है। 
इस गाने के lyrics एक deep emotional journey को दिखाते हैं, जहाँ एक incomplete night और missing morning की बात की गई है, जैसे कि जिस रात की सुबह नहीं आई, वो अंधेरों में भटकता रहा, और रोशनी कहीं नहीं मिली, फिर गाना एक empty house और courtyard के feeling को describe करता है, जहाँ मन का द्वार भी सुनसान है, और एक उड़ती हुई पतंग के कट जाने का metaphor दिया गया है, जो एक scattered world को represent करता है, पतंग का कटना और धागे का टूटना life में loss और detachment को symbolize करता है। 

आगे के lyrics में pain और rejection का feeling है, जहाँ singer कहता है कि तू चोट देता है, नाराज हो जाता है, अपना होते हुए भी ठुकराता है, यह कैसा खेल है जो इतना बेजार कर देता है, और एक बेदर्द तन्हाई छा जाती है, अब कुछ भी अच्छा नहीं लगता, फिर एक question पूछा गया है कि ऐसा क्यों होता है, तुझे दया क्यों नहीं आती, क्या तू है भी या नहीं, या फिर ये सारा संसार एक भ्रम में जी रहा है, और अंत में एक appeal है कि अगर तू है तो सुबह कर दे, यानी hope और light लेकर आ। 

गाना फिर से वापस उसी theme पर आता है, सूना घर, सूना आंगन, सूना मन का द्वार, और कटी हुई पतंग, बिखरा हुआ संसार, यह repetition emotions की depth को और बढ़ाता है, overall यह गाना loneliness, heartbreak, और फिर hope की खोज को beautifully express करता है, जो listeners को deeply connect कर सकता है।


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Song Details

Song सूना घर सूना आंगन लिरिक्स (Suna Ghar Suna Aangan Lyrics in Hindi) – Manish S Sharma | The Diary Of West Bengal
Album The Diary Of West Bengal Movie Songs Lyrics 2024

Frequently Asked Questions

Which album is "सूना घर सूना आंगन लिरिक्स (Suna Ghar Suna Aangan Lyrics in Hindi) – Manish S Sharma | The Diary Of West Bengal" from?

The song is from the album "The Diary Of West Bengal Movie Songs Lyrics 2024".