ज़रा ज़रा करीब आ के लिरिक्स | Ateet का मधुर और सुकून भरा रोमांटिक गीत। Sonu Nigam और Yamini Ghantasala की आवाज़ों में। प्यार में खो जाने की खूबसूरत चाहत।
Zara Zara Kareeb Aa Lyrics in Hindi – Full Song Lyrics (ज़रा ज़रा करीब आ)
हल्का हल्का सुरूर है
आँखों में कुछ फ़ितूर है
यारा तेरा साथ चाहिए
लम्हा लम्हा जाग के
जी ले मेरे साथ में
एक मुकम्मल रात चाहिए
ये जो सुरूर-ए-वस्ल है
यही चाहतों की फ़स्ल हैं
छलक रहा है प्यार से
ये दिल भरा भरा
ज़रा ज़रा ज़रा ज़रा
क़रीब आ ज़रा ज़रा
ज़रा ज़रा ज़रा ज़रा
क़रीब आ
ज़रा ज़रा ज़रा ज़रा
क़रीब आ ज़रा ज़रा
ज़रा ज़रा ज़रा ज़रा
क़रीब आ
राज़ है क्यों हमराज़ बन
खामोशियाँ आवाज़ बन
तुझसे मेरा सवाल है
साँसों की हर चिराग में
जलती है तू दिमाग में
तू ही मेरा ख़याल है
कुछ भटकी सी ख्वाहिशें
आवारा फरमाइशें
इनको ऐतबार दे दे तू
ये जो हैं बेताबियाँ
ये जो हैं बेचैनियां
इनको अब करार दे दे तू
ये जो सुरूर-ए-वस्ल है
यही चाहतों की फ़स्ल हैं
छलक रहा है प्यार से
ये दिल भरा भरा
ज़रा ज़रा ज़रा ज़रा
क़रीब आ ज़रा ज़रा
ज़रा ज़रा ज़रा ज़रा
क़रीब आ
ज़रा ज़रा ज़रा ज़रा
क़रीब आ ज़रा ज़रा
ज़रा ज़रा ज़रा ज़रा
क़रीब आ
मैं सूरज हूँ धूप का
तू साये की झील है
खुद में मुझे उतार ले
मैं तेरा ही वजूद हूँ
तुझ में मैं मौजूद हूँ
साथ मुझे तू गुज़ार ले
आजा मेरी बाहों में
भर लूँ तुझको साँसों में
ज़िंदगी मैं बना लूँ तुझे
रहने दे आग़ोश में
मत आने दे होश में
बेखुदी मैं बना लूँ तुझे
ये जो सुरूर-ए-वस्ल है
यही चाहतों की फ़स्ल हैं
छलक रहा है प्यार से
ये दिल भरा भरा
ज़रा ज़रा ज़रा ज़रा
क़रीब आ ज़रा ज़रा
ज़रा ज़रा ज़रा ज़रा
क़रीब आ
ज़रा ज़रा ज़रा ज़रा
क़रीब आ ज़रा ज़रा
ज़रा ज़रा ज़रा ज़रा
क़रीब आ...!
गीतकार: शकील आज़मी
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About Zara Zara Kareeb Aa (ज़रा ज़रा करीब आ) Song
यह गीत "ज़रा ज़रा करीब आ" फिल्म Ateet का एक बेहद रोमांटिक और सुकून देने वाला गाना है, जिसे Sonu Nigam और Yamini Ghantasala ने अपनी मधुर आवाज़ से सजाया है। इस गीत के बोल Shakeel Azmi ने लिखे हैं और संगीत Harish Sagane ने दिया है। इस गाने में प्यार, करीबियाई और एक-दूसरे में खो जाने की चाहत को बहुत खूबसूरती से बयान किया गया है। जैसे-जैसे गीत आगे बढ़ता है, सुनने वाले को एक सुरूर और नशा सा महसूस होता है, जो प्यार के उस पल को दर्शाता है जब दिल चाहता है कि सामने वाला और पास आए।
गीत की शुरुआत "हल्का हल्का सुरूर है, आँखों में कुछ फ़ितूर है" से होती है, जो बताती है कि इश्क में इंसान को हल्का सा नशा सा चढ़ जाता है और आँखों में एक अजीब सा जादू होता है। फिर "लम्हा लम्हा जाग के जी ले मेरे साथ में, एक मुकम्मल रात चाहिए" ये लाइनें कहती हैं कि वो हर पल जागकर उस पल को जीना चाहता है, और एक पूरी रात सिर्फ प्यार में बिताना चाहता है। इसके बाद "ये जो सुरूर-ए-वस्ल है, यही चाहतों की फ़सल है" के ज़रिए समझाया गया है कि मिलन का ये नशा ही असली चाहतों का फल है, और दिल प्यार से इतना भर गया है कि वो छलक रहा है।
गीत का अंतिम भाग "मैं सूरज हूँ धूप का, तू साये की झील है" जैसी गहरी कल्पना के साथ आता है, जहाँ एक प्यार करने वाला खुद को सूरज बताता है और सामने वाले को छाया की झील, और फिर कहता है कि "मैं तेरा ही वजूद हूँ, तुझ में मैं मौजूद हूँ" यानी वो उसी का अस्तित्व है और उसी में बसा हुआ है। अंत में "आजा मेरी बाहों में, भर लूँ तुझको साँसों में" करके अपने प्यार को अपने अंदर समा लेने की तमन्ना ज़ाहिर की गई है। ये गीत प्यार की उस मासूम और गहरी चाहत को दर्शाता है, जिसमें हर लम्हा बेहद खास होता है और बस "ज़रा ज़रा करीब" आने की चाह रहती है।
Song Details
| Song | ज़रा ज़रा करीब आ लिरिक्स (Zara Zara Kareeb Aa Lyrics in Hindi) – Sonu Nigam, Yamini Ghantasala | Ateet |
|---|---|
| Album | Ateet Movie Songs Lyrics 2020 |
Frequently Asked Questions
Which album is "ज़रा ज़रा करीब आ लिरिक्स (Zara Zara Kareeb Aa Lyrics in Hindi) – Sonu Nigam, Yamini Ghantasala | Ateet" from?
The song is from the album "Ateet Movie Songs Lyrics 2020".